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Showing posts from September, 2020

पूछता है भारत ,

 कंगना का घर टूटा तो चूहे,बिल्लियां बिलबिलाने लगे.. मजदूर जब सड़क पर चल रहा था बिना चप्पल के तब किसी के रोने की आवाज़ आयी थी क्या? Dalal Media tab kahan thi? इस खबर को टीवी पे देखकर कंगना भी सोच रही होगी क्या बे जिंदगी है लोगो की किससे पूछता है भारत केवल अर्णब से बाकी सब का क्या ?

उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि के उपयोग में बदलाव करने के लिए अब नहीं लगाने होंगे तहसीलों के चक्कर

इससे पहले कृषि भूमि को लेकर तहसील स्तर पर राजस्व अधिकारी महीनों बाद भी फैसला नहीं ले पाते थे और लम्बे समय बाद भी ऐसे हजारों मामले लंबित पड़े हैं। ऐसे में अब अधिसूचना जारी होने के बाद एसडीएम को 45 दिन के अन्दर फैसला लेना होगा। साथ ही सभी लंबित मामलों को भी 45 दिनों के अन्दर निपटाना भी होगा। इस फैसले से यह होंगे लाभ ♦ प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सकेगा। ♦ 45 दिन के अन्दर कृषि भूमि के उपयोग को लेकर फैसला आने से किसान, निवेशक और आम लोगों को राहत मिलेगी। ♦ यदि अधिकारी आवेदन निरस्त करता है तो उस मामले पर लिखित कारण भी स्पष्ट करना होगा, इससे पारदर्शिता रहेगी। ♦ उद्योगों के लिए जमीन मिलने को लेकर तय समय सीमा में कार्यवाही हो सकेगी। ♦ कृषि भूमि के उपयोग पर लोगों को बैंक और वित्तीय संस्थाओं से आसानी से लोन मिल सकेगा।

Loan EMI

  नई दिल्ली:  लोन मोरेटोरियम (loan moratorium) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अहम आदेश देते हुए कहा है कि 31 अगस्त तक NPA घोषित नहीं किए गए खातों को अगले आदेश तक NPA घोषित नहीं किया जाएगा. जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि बैंकों को उन कर्जदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.हमें उनकी रक्षा करनी होगी. 10 सितंबर को फिर से मामले की सुनवाई होगी.  लोन मोरेटोरियम  को बढ़ाने और ब्याज माफी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत इस बात पर विचार नहीं कर रही कि सरकार के उपाय सही हैं या नहीं या विभिन्न क्षेत्रों को राहत कैसे दी जा सकती है. केवल कुछ और उपाय जैसे कि मोहलत के ब्याज पर छूट एनडीएमए के तहत दी जा सकती है. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि केंद्र ने पीड़ितों को कम करने के लिए शक्तियों का प्रयोग नहीं किया है. हम वित्तीय निकायों द्वारा दिए गए फैसले बदलने के लिए विशेषज्ञ नहीं हैं. क्या आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कुछ किया जा सकता है, इसे देखने की जरूरत है. COVID के प्रभाव पर अध्ययन को क्षेत्रवार किया...

Digital transaction Rules

  अगर आप भी UPI, RuPay BHIM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से ट्रांजेक्शन ( Digital Transaction ) करते हैं तो यह आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( Income Tax Department ) ने UPI, RuPay BHIM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांजेक्शन करने पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को खत्म कर दिया है। यही नहीं, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ( CBDT ) ने कहा है कि एक जनवरी 2020 के बाद वसूले गए फीस या चार्ज को बैंक ग्राहकों को वापस लौटाएं। इस आदेश के बाद अब बैंक जल्द ही इन ट्रांजेक्शन पर काटे गए शुल्क को वापस करेगा। CBDT ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन-269एसयू के तहत बैंकों को कहा है कि भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए किए जाने वाले किसी भी ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिए जाएंगे। ICICI Bank की जबरदस्त स्कीम, घर बैठे ऑनलाइन खरीदे सस्ते मकान, जानें कैसे मिलेगा फायदा ग्राहकों के खाते में आएंगे पैसे सीबीडीटी ने रविवार को जारी एक सर्कुलर में कहा कि अगर बैंकों ने 1 जनवरी 2020 को या उसके बाद तय इलेक्ट्रॉनिक मोड के जरिए किए गए ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज वसूला है तो वे इसे तत्काल वापस करें और भवि...

SBI BANK LOAN RULES

  नई दिल्ली:  देश के बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने खाताधारकों को एक बड़ी राहत दी है. एसबीआई (SBI) ने ऐलान किया है कि अब हर 6 महीने में ब्याज दरों की समीक्षा की जाएगी. इस फैसले का सीधा फायदा एसबीआई के होम लोन (Home Loan), ऑटो लोन (Auto Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने वाले ग्राहकों को होगा. नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. ब्याज दरों की होगी हर 6 महीने में समीक्षा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जानकारी दी है कि सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (MCLR) की अब हर 6 महीने में समीक्षा होगा. बताते चलें कि सभी बैंक MCLR की हर साल समीक्षा करती है. इस वजह से कम ब्याज दर होने पर भी ग्राहकों को इसका फायदा लेने के लिए पूरे एक साल इंतजार करना पड़ता है.

Pradhanmantri kisan samman nidhi scheme

  किसानों की आर्थिक मदद के लिए सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) चलाई जा रही है। इसके तहत किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे रकम भेजी जाती है। अभी तक इसकी छह किश्तें भेजी जा चुकी हैं। नवंबर में जल्द ही इसकी अगली किश्त रिलीज की जाएगी। जिससे किसानों के खाते में फिर दो—दो हजार रुपए आएंगे। अगर अभी तक आपने इस योजना के लिए अपना नाम रजिस्टर्ड नहीं कराया है तो नीचे बताए गए प्रक्रिया को अपनाकर आप आवेदन कर सकते हैं। कैसे करें आवेदन किसान खुद से आनलाइन आवेदन कर सके इसके लिए'फार्मर कार्नर' टैब में कई सुविधाएं दी गई हैं। आप Pmkisan.Gov.In बेवसाइट पर लॉग इन करके 'फार्मर कार्नर' वाले टैब में क्लिक करें। अब पीएम किसान योजना में पंजीकृत करने का विकल्प आएगा। यहां क्लिक करके जरूरी जानकारी भरके फॉर्म सबमिट कर दें। अगर आपने पहले आवेदन किया है और आपका आधार ठीक से अपलोड नहीं हुआ है या किसी वजह से गलत नंबर दर्ज हो गया है तो भी इसे भी यहां सुधारा जा सकता है। जिन किसानों को आवेदन स्वीकार होता है वे अपना नाम राज्य/जिलेवार/तहसील/गांव के हिस...

EMI loan moratorium extension

  EMI loan moratorium extension: Repayment period extendable by 2 years, Centre, RBI tell Supreme Court Updated: September 1, 2020 19:58 pm EMI loan moratorium extension: The moratorium period on repayment  EMI loan moratorium extension: Repayment period extendable by 2 years, Centre, RBI tell Supreme Court Updated: September 1, 2020 19:58 pm EMI loan moratorium extension: The moratorium period on repayment of loans during the COVID-19 pandemic is extendable by two years and several steps have been taken to help the stressed sectors, the Centre and the RBI told the Supreme Court on Tuesday. On August 26, the apex court had asked the Centre to reply within a week on the issue of interest being charged on instalments which have been deferred during the moratorium period. The top court had earlier asked the Centre and the RBI to review the move to charge interest on deferred EMIs during the moratorium period. The court had earlier said there was "no merit in charging in...

Sushant Singh Rajput

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सुशांत सिंह के पिता केके सिंह का बयान: हो सकता है उदासी की वजह से आत्महत्या की हो, कोई संदेह-शिकायत नहीं लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्ली L     Ad सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई की जांच जारी है, इस बीच अभिनेता के पिता केके सिंह का एक बयान सामने आया है। सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने अपने बयान में मुंबई पुलिस से कहा था कि ' हो सकात है उनके बेटे ने उदासी (निराशा) की वजह से आत्महत्या कर ली'। मुझे सुशांत की मौत को लेकर किसी से कोई शिकायत नहीं है। बता दें कि सुशांत के पिता केके सिंह ने शुरू में पटना में एक एफआईआर दर्ज कराई थी और जिसमें उन्होंने रिया चक्रवर्ती पर सुशांत सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।  सुशांत के पिता से बिना अनुमति लिए एक्टर पर नहीं बनेगी फिल्म NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, केके सिंह ने मुंबई पुलिस को दिए गए अपने बयान में कहा था, 'मैं नहीं जानता कि मेरे बेटे ने सुसाइड क्यों किया। उसने कभी किसी प्रकार के तनाव या डिप्रेशन के बारे में चर्चा नहीं की। मुझे सुशांत की मौत को लेकर किसी से शिकायत नहीं है, न ही संदेह है। मुझे लगता है कि सुशांत ने...